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Had been offered a lack to become Muslim

शिवपुरी। खनियांधाना में
धर्मांतरण कराने का काम
काफी समय से चल
रहा है।

 तुलाराम के ताऊ बहुरन
व भाई अतरसिंह (बहुरन का बेटा)
को मुस्लिम बनने के लिए एक लाख
रुपए का ऑफर दिया गया था।

 लेकिन
इन्होंने धर्मांतरण करने से इनकार
कर दिया। 

बहुरन व अतरसिंह के
मुताबिक गांव में
बकरी व्यापारी नीलम उर्फ
नीलू नामक उन्हें काफी समय से
धर्मांतरण करने के लिए प्रलोभन दे रहा है।


तुलाराम भी उसके संपर्क में था। 
अतरसिंह ने
कहा कि हम लोग अपने रीति-रीवाज
नहीं छोड़ सकते।

 हमने तुलाराम
को काफी समझाने का प्रयास किया।

 फिर
भी वह नहीं माना। धर्मांतरण
का मामला खुलने के बाद जिला प्रशासन , आईबी व पुलिस
की टीम गांव पहुंच गई।

 पिछोर
एसडीएम अश्विनी रावत ने
कहा कि मामला पैसे लेकर धर्मांतरण का है। 

धर्मांतरण कराने
वालों की तलाश
की जा रही है।
पत्नी को वापस बुलाने के लिए दिया था शपथ पत्र
तुलाराम ने करीब 6 महीने पहले
धर्मांतरण कर लिया था।

 इसके बाद तुलाराम के ससुराल में इसका विरोध
होने लगा और बहनों ने पारिवारिक संपत्ति कुल ढाई
बीघा जमीन को बेचने के लिए
एनओसी देने से मना कर दिया।

 संपत्ति हथियाने और
पत्नी को वापस बुलाने के लिए तुलाराम ने खनियांधाना थाने
में एक शपथ पत्र दिया, जिसमें लिखा था कि उसने हिन्दू धर्म फिर
से अपना लिया है। 

पत्नी के वापस आने के बाद और
बहन से संपत्ति की एनओसी मिल जाने
के बाद तुलाराम ने फिर से हिन्दू धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण
किए जाने की घोषणा कर दी।


पारिवारिक सदस्यों ने धर्मांतरण करने से किया इनकार
तुलाराम के ताऊ बहुरन व ताई रति समेत परिवार के अन्य सदस्य
सीताराम, मिजाजी, बृजेश,जेहन और
अतरसिंह ने पिछोर एसडीएम व मीडिया के
सामने धर्मांतरण से साफ इनकार कर दिया। 

अतरसिंह ने
बताया कि नीलम उर्फ नीलू नाम का एक
व्यक्ति गांव में बकरियों का व्यापारी बनकर आता है,
जो गांव के भोले-भाले गरीब
ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर धर्मांतरण के लिए
उकसाता है।

 उसकी इस बात
की पुष्टि बहुरन ने भी की,
जिसके मुताबिक नीलम ने उसे भी 1 लाख
रुपए की पेशकश की थी,
लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया।


तुलाराम के घर लगी है सीता-राम
की तस्वीर
तुलाराम भले ही मुस्लिम धर्म स्वीकार कर
लिया हो, लेकिन उसके परिवार के लोग ही इसे मानने के
लिए तैयार नहीं है।

 तुलाराम के घर में भगवान राम व
सीता की तस्वीर
लगी है। तुलाराम की बहन बिनिया और
पूजा, उसकी दादी कमलेश ने बताया कि आज
भी घर में देवी-देवाताओं
की पूजा की गई है।


एसडीएम, एसडीओपी,
तहसीलदार और आईबी पहुंचे बुकर्रा
खनियांधाना के बुकर्रा गांव में तुलाराम के घर पर एसडीएम,
एसडीओपी करैरा, तहसीलदार
खनियांधाना और इंटेलीजेंट्स ब्यूरो से
भी मामले की जांच-पड़ताल करने के लिए
टीम पहुंच गई थी। 
हालांकि तुलाराम और
उसके चाचा-ताऊ अमरथ और समरथ मौके पर
नहीं मिले। परिवार के सदस्यों ने
बताया कि तीनों शिवपुरी गए हुए हैं।


सभी ने मिलकर बनाया मंदिर
तुलाराम के ताऊ के बेटे अतरसिंह ने गांव में भेदभाव
जैसी बात से इनकार किया है। 
उन्होंने कहा कि गांव में
सभी जातियों में सबसे ज्यादा जाटव व मुस्लिम 30-30
फीसदी हैं। 
गांव के
बीचोंबीच हनुमान जी का मंदिर
बना है। इस मंदिर में खुद तुलाराम सबसे आगे रहकर मदान
किया था। 
मंदिर बनाने में जाटव समाज का म लगा हुआ है। इसलिए
मंदिर में कोई जाने से रोक ही नहीं सकता।

तुलाराम ने पहले धर्म परिवर्तन किया था, परंतु बाद में थाने में एक
शपथ पत्र देकर आया था, जिसमें उसने फिर से हिन्दू धर्म
स्वीकार करने की बात
की थी। 
अब वह दोबारा धर्म परिवर्तन
कर रहा है इस संबंध में उसे आज ही पता चला है।  
-राजेन्द्रसिंह यादव , सरपंच
-----------
मैं जांच के लिए बुकर्रा गांव गया था। पैसों का प्रलोभन देकर धर्म
परिवर्तन कराने की बात सामने तो आई है। परिजनों ने
किसी नीलू और नीलम नाम के
व्यक्ति का उल्लेख भी किया है, परंतु वो कौन है,
कहां रहता है उसकी जांच
की जा रही है। 
धीरे-
धीरे सारे तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।

-अश्विनी रावत, एसडीएम पिछोर

-----------

ये बोले कलेक्टर


मामले में जांच चल रही है। पूरी रिपोर्ट
आने के बाद ही मैं इस मामले पर कुछ कह सकूंगा।
--राजीवचंद दुबे कलेक्टर शिवपुरी।

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